history of computer in Hindi.

History of computer in Hindi. Generation of computer in Hindi.

Spread the love

History of computer in Hindi. Generation of computer in Hindi: आजकल, computer का उपयोग Documents को Type करने, Email भेजने, Game खेलने और web Browse करने के लिए किया जाता है।

इसका उपयोग Spreadsheet, Presentations और यहां तक ​​कि Video बनाने या Edit करने के लिए भी किया जाता है।

Computer का इतिहास जानने से पहले आपको ये पता होना चाहिए की कंप्यूटर क्या है?

computer एक Electronic Device है, जो सूचना या Data को Manipulate करता है। इसमें Data को Store करने, और Retrieve करने की क्षमता रखता है।

कंप्यूटर का इतिहास – Brief history of development of computer in Hindi.

सर्वप्रथम- अबेकस (Abacus) 600 B.C में पहला Machine था,जिसे Digital Computer कहा जा सकता था,

हालाँकि प्रथम यांत्रिक योग Machine का अविष्कार ब्लेज पास्कल (Blaise Pascal) के द्वारा किया गया था।

इन्होने Difference Engine का अविष्कार 1842 में पूर्णतः Automatic Analytical Engine बनाया।

Modern Digital Computer का जनक चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कहा जाता है।

इसी काल में – सन 1884 में हरमन हॉलेरिथ (Herman Hollerithने पंचड़ कार्ड (Punched cardका अविष्कार किया। जो Input Device का माध्यम बने।

सन 1937 में IBM ने पहली Machine मार्क-I बनाई।

ABC (Atanas off- Berry Computer):-  

सन 1939 में संसार का पहला Electronic Digital Computer का अविष्कार John Atanas off और Clifford Berry ने किया था ,इन्हीं के नाम पर इस Computer का नाम ABC रखा गया।

ENIAC(1945)-Electronic Numerical Integrator and Calculator.

ENIAC का अविष्कार अमेरिकी वैज्ञानिक J. P Eckert और John Mauchly ने 1945 में किया था।

ENIAC आकार में बहुत बड़ा और बहुत भारी computer था, इसमें लगभग 1800 Vacuum Tubes लगा हुआ था।

इस computerको पहला Digital computer भी कहा जाता है।

यह पहला Programable, Electronic, General Purpose वाला Digital computer था।

यह Turing -Complete था, और Reprogramming के माध्यम से “Numerical Problems का एक बड़े पैमाने पर हल करने में सक्षम था।

ENIAC को बनाने में $ 487000 की लागत लगा था।

EDVAC –Electronic Discrete Variable Automatic Computer

ENIAC के आविष्कारक J. P Eckert और John Mauchly ने अगस्त 1944 में EDVAC निर्माण का प्रस्ताव रखा, और ENIAC के पूर्ण होने से पहले EDVAC के लिए डिजाइन का काम शुरू हुआ।

कंप्यूटर की पीढ़ियाँ-Generation of computer in Hindi.

Generation of computer का अभिप्राय समय के साथ Computer का आकार,गुण, और बनावट के आधार पर अलग-अलग बदलाब होना है।

समय-समय पर Computer में जरुरत के हिसाब में इसमें बहुत सारे चीजों Add किया गया और बहुत सारे चीजों को Remove किया गया।

Computer के बदलते आकार, गुण, और बनावट के आधार पर इसके पांच generation हैं।

1 . First generation of computer in Hindi.

UNIVAC और अन्य समकक्ष Computer प्रथम पीढ़ी के अंतर्गत आते है। जिनमे निर्वात ट्यूब(Vacuum Tubes) का प्रयोग किया जाता था।

इस समय के Computers आकर में बहुत बड़े होते थे,और इतनी गर्मी करते थे की Ac अनिवार्य होती थी।

Operating System नहीं होने के कारण बहुत असुबिधाजनक थे। इसपीढ़ी के Computer में मशीनी भाषा का प्रयोग हुआ है।

1946-1959 पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि है।

जैसे- ENIAC, EDVAC, UNIVAC इतियादी प्रथम पीढ़ी के अंतर्गत आते है।

Advantagesप्रथम पीढ़ी के फायदे

I. इसमें Vacuum Tubes का उपयोग किया जाता था, जो उन दिनों के दौरान उपलब्ध एकमात्र Electronic Deviceथा।

II.ये Computers calculation को Millisecond में Calculate कर सकते थे।

III. इस Computer में Data को सुरक्षित रखने के लिए Punch card का उपयोग होता था।

Disadvantagesप्रथम पीढ़ी के नुकसान

I. यह Computer आकार में बहुत बड़ा था, और इसका वजन भी लगभग 30 टन के आस-पास था।

II. यह Computer Vacuum Tube पर आधारित था।

III. यह Computer बहुत ही costly होते थे।

IV. चूंकि पहली पीढ़ी के Computer के आविष्कार में वैक्यूम ट्यूब शामिल हैं, इसलिए इन Computers का एक और नुकसान था, Vacuum Tubes को एक बड़े Cooling System की आवश्यकता होती है।

V. बहुत कम कार्य कुशलता।

VI. Data को Input लेने के लिए Limit Programming Capabilities और punch Card का उपयोग किया गया था।

VII. बड़ी मात्रा में ऊर्जा की खपत।

VIII. इसको आप निरंतर स्थानांतरित नहीं कर सकते हैं।

Second generation of computer in Hindi.

1959-1965 दूसरी पीढ़ी के Computer की अवधि है।

दूसरी पीढ़ी के Computer Vacuum Tube के बजाय Transistor पर आधारित था ।

सबसे पहले America के बेल लेबोरटरी (Bell Lab) ने Transistor की खोज की, जो Vacuum Tubes से बेहतर था।

यह आकार में प्रथम पीढ़ी के computer की तुलना में छोटा होता है।

जैसे- UNIVAC1108, Honeywell400, CDC1604 Etc.

पंच कार्ड की जगह- magnetic Storage Device का प्रयोग किया गया, जिससे Storage कैपेसिटी में वृद्धि व Operating System का विकास हुआ।

Advantagesद्वितीय पीढ़ी के फायदे

I. Vacuum Tubes के बजाय Transistor की उपस्थिति के कारण, Electron Components का आकार कम हो गया। इसके परिणामस्वरूप पहली पीढ़ी के Computers की तुलना में Computer का आकार कम हो गया।

II. कम ऊर्जा और पहली पीढ़ी के तुलना में उतनी गर्मी उत्पन्न नहीं करता था ।

III. Assembly Language और Punch Card का इस्तेमाल इनपुट के लिए किया गया था।

IV. पहली पीढ़ी के Computers की तुलना में कम लागत इसमें लगते थे।

V. बेहतर गति से , Microsecond में Data को Calculate करता था।

Disadvantagesद्वितिय पीढ़ी के नुकसान

I. इसमें Cooling System की आवश्यकता पड़ती थी।

II. Regular maintenance की जरुरत पड़ती थी।

III. इसका उपयोग Specific Purposes के लिए किया जाता था।

Third generation of computer in Hindi.

1965-1971 तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि है।

यह computer Integrated Circuit पर आधारित था।

IC (Integrated Circuit) एक Silicon की chip पर हजारों Circuit को Print कर बनाया जाता है।

Integrated Circuit का आविष्कार Robert Noyce और Jack Kilby ने 1958-1959 में किया था।

जैसे– PDP-8, PDP-11, IBM-360, IBM-370 इत्यादि।

Advantagesतृतीय पीढ़ी के फायदे

यह computer दूसरी पीढ़ी के computer की तुलना में सस्ता था।

द्वितीय पीढ़ी की तुलना में यह अधिक तेज और विश्वसनीय था।

प्रथम और द्वितीय पीढ़ी की तुलना में इसका रख-रखाव करना उन दोनों पीढ़ी से आसान हो गया था।

Integrated Circuit न केवल computer के आकार को कम करता है, बल्कि यह पिछले computer की तुलना में computer के Performance को भी बेहतर बनाता है।

computer के इस पीढ़ी में Storage Capacity उनसे ज्यादा थी।

इसी पीढ़ी में Disc, Tape, Time sharing System Programming language जैसे Basic चीजों का निर्माण हुआ।

यह computer Microsecond से Nanosecond तक Computational समय को कम करते हैं।

Disadvantagesतृतीय पीढ़ी के नुकसान

IC(Integrated Circuit) चिप को Maintain करना बहुत मुश्किल था।

Integrated Circuit चिप का निर्माण करने के लिए बहुत ही sophisticated Technology की आवश्यकता पड़ती थी।

Air Conditioner वाला वातावरण की आवश्यकता पड़ती थी।

IC बनाने के लिए Advance Technology की आवश्यकता होता था।

Fourth generation of computer in Hindi.

1971-1980 चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि है।

इसी समय में VLSI(Very Large Scale Integration) का निर्माण हुआ।

VLSI तकनीक से पुरे CPU को एक Chip पर प्रिंट किया जाने लगा , जिसे Microprocessor का नाम दिया गया था ,और Microprocessor से युक्त Computer को Micro Computer का नाम दिया गया था

यह तकनीक Microprocessor पर आधारित है।

किसी Program में किए जाने वाले किसी भी Logical और Arithmetic कार्य के लिए Computer में Microprocessor का उपयोग किया जाता था।

Software में GUI (Graphics User Interface) का विकास हुआ।

Users को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए Graphics User Interface (GUI) तकनीक का फायदा उठाया गया।

जैसे-IBM 4341,DEC10, STAR1000 इत्यादि।

Advantagesचर्तुर्थ पीढ़ी के फायदे

Computer की पिछली पीढ़ी की तुलना में सबसे तेजी से गणना करता है, और उसके तुलना में यह आकार में भी छोटा होता है।

इस Generation के Computer से गर्मी भी कम उतपन्न होता था।

कम Maintenance की आवश्यकता।

इस प्रकार के Computer में सभी प्रकार कीHigh-Level Languages का उपयोग किया जा सकता है।

Disadvantagesचतुर्थ पीढ़ी के नुकसान

माइक्रोप्रोसेसर का डिजाइन और निर्माण बहुत हीं जटिल था

IC की उपस्थिति के कारण कई मामलों में Air Conditioner की आवश्यकता पड़ती थी।

माइक्रोप्रोसेसर के चिप का ख़राब होने सम्भाबना बहुत अधिक होती थी।

Fifth generation of computer in Hindi.

1980-अब-तक(Onwards) चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की अवधि है।

यह Generation Artificial Intelligence पर आधारित है।

पांचवीं पीढ़ी का उद्देश्य एक ऐसा उपकरण बनाना है, जो प्राकृतिक भाषा को Input पर प्रतिक्रिया दे सके और सीखने और Self -Organization करने में सक्षम हो।

Fifth Generation के Computer में VLSI के जगह पर ULSI (Ultra Large Scale Integration) का उपयोग किया जाता है।

इन समय के Computer High Capacity के साथ-साथ Logic Decision Making, Thinking में सामर्थ्य है।

इस Generation में कुछ ऐसे System आये है, जो चौथी पीढ़ी की तुलना में Ultra High Capacity होते है, जिन्हे Super Computer कहा जाता है।

इसी Generation में Network के क्षेत्र में Internet, E-Mail आदि का विकास हुआ।

जैसे-Desktop, Laptop, Notebook, Chromebook, Param इत्यादि।

Advantagesपांचवी पीढ़ी के फायदे

यह अधिक विश्वसनीय है और तेजी से काम करता है।

यह विभिन्न आकारों और Unique Features में उपलब्ध है।

इस पीढ़ी के Computer का Size बहुत छोटा होने कारन आप इसे एक स्थान से दूसरे स्थान आसानी से Carry क्र सकते हैं।

इसके Computers का Storage Capacity बहुत अधिक होता है।

Disadvantagesपांचवी पीढ़ी के नुकसान

पांचवी पीढ़ी के Computer Human के मस्तिष्क को सुस्त और कमजोर बना देती है।

Conclusion

दोस्तों तो ये थी, computer ki history in Hindi.और computer ki generation in Hindi. के बारे में जानकारी, मुझे उम्मीद है, की इस Article को पढ़कर आप लोग समझ चुके होंगे की History of computer in Hindi. और All generation of computer in Hindi. क्या है।

अपनी इस Article में हमने आपके साथ कंप्यूटर की सारी पीढ़ी की पूरी जानकारी Share करने की कोशिश की है।

यह Article,  history of computer Hindi me. को लेकर आपके मन में यदि कोई भी doubts हैं,या आप चाहते हैं, की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए, तो इसके लिए आप नीचे comment Box में अपने विचार को लिख सकते हैं, ताकि आपके इन दिए गए विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मौका मिलेगा।

आप इस article को अपने साथियों के साथ Facebook ,WhatsApp तथा अन्य माध्यमों से उन तक जरूर पहुँचाएं ताकि वे भी Computer ka history in Hindi. की सारी जानकारी प्राप्त कर सके।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *